Janta 24X7 News

Jul 07, 2026 janta24x7news

Ram Mandir Donation Row: SIT रिपोर्ट में बड़े खुलासे, CCTV में संदिग्ध गतिविधियां, 6 लोगों की भूमिका पर उठे सवाल

अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले में SIT की प्रारंभिक रिपोर्ट में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। CCTV फुटेज में कर्मचारियों की संदिग्ध गतिविधियां सामने आई हैं, जबकि सुरक्षा व्यवस्था, नकदी प्रबंधन और निगरानी में गंभीर खामियों की ओर भी रिपोर्ट में इशारा किया गया है।

Ram Mandir Donation Row: SIT रिपोर्ट में बड़े खुलासे, CCTV में संदिग्ध गतिविधियां, 6 लोगों की भूमिका पर उठे सवाल
अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में श्रद्धालुओं के चढ़ावे से जुड़े कथित चोरी और गबन मामले में विशेष जांच दल (SIT) की प्रारंभिक रिपोर्ट ने कई अहम सवाल खड़े कर दिए हैं। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा 25 जून 2026 को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को सौंपी गई इस रिपोर्ट में CCTV फुटेज, नकदी प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था और कर्मचारियों की गतिविधियों को लेकर कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं। हालांकि यह केवल प्रारंभिक जांच रिपोर्ट है और अंतिम निष्कर्ष विस्तृत जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएंगे।

SIT के अनुसार, यह मामला किसी एक दिन की घटना नहीं बल्कि लंबे समय तक चली कथित अनियमितताओं का परिणाम प्रतीत होता है। जांच में कहा गया है कि सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था में मौजूद कमियों का कथित तौर पर फायदा उठाकर चढ़ावे की नकदी में गड़बड़ी की जाती रही।

रिपोर्ट के मुताबिक, 27 अप्रैल से 5 जून 2026 के बीच उपलब्ध CCTV फुटेज की जांच में लगभग 70 संदिग्ध घटनाएं दर्ज की गईं। जांच टीम का दावा है कि कुछ कर्मचारी कथित तौर पर नोटों की गड्डियां और नकदी अपने कपड़ों, जेबों, जूतों और शरीर के अन्य हिस्सों में छिपाते हुए दिखाई दिए। रिपोर्ट में कहा गया है कि इन घटनाओं का तरीका लगभग एक जैसा था, जिससे यह आशंका जताई गई कि कथित गतिविधियां सुनियोजित ढंग से लगातार चल रही थीं। हालांकि 27 अप्रैल से पहले की फुटेज उपलब्ध नहीं होने के कारण उस अवधि की पुष्टि नहीं की जा सकी।

प्रारंभिक रिपोर्ट में छह लोगों—अविनाश शुक्ला, अनुकूल मिश्र, लवकुश मिश्र, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडेय और रामशंकर मिश्र—की भूमिका को संदिग्ध बताया गया है। SIT ने इनके खिलाफ चोरी, गबन, आपराधिक दुर्विनियोग और आपराधिक न्यासभंग जैसी धाराओं के तहत विस्तृत जांच की सिफारिश की है। रिपोर्ट के अनुसार जांच शुरू होने से पहले कुछ कर्मचारियों से लगभग 78.94 लाख रुपये बरामद किए गए थे, जबकि 4 जून को गिनती कक्ष से करीब 2.25 लाख रुपये अतिरिक्त मिलने का भी उल्लेख किया गया है। साथ ही कुछ बैंक खातों में घोषित आय से अधिक नकद जमा और संदिग्ध लेनदेन मिलने की बात भी सामने आई है।

SIT ने केवल कर्मचारियों की भूमिका पर ही सवाल नहीं उठाए, बल्कि सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था की जिम्मेदारी संभाल रहे अधिकारियों की कार्यप्रणाली की भी समीक्षा की है। रिपोर्ट में कहा गया है कि कर्मचारियों की नियमित तलाशी, बायोमेट्रिक उपस्थिति, निर्धारित ड्रेस कोड, निजी सामान पर प्रतिबंध और अन्य सुरक्षा नियमों को प्रभावी ढंग से लागू नहीं किया गया। रिपोर्ट में डॉ. अनिल मिश्रा तथा गिनती कक्ष के प्रभारी सुभाष श्रीवास्तव की भूमिका की भी विस्तृत जांच की सिफारिश की गई है, क्योंकि सुरक्षा संबंधी कमियों के बावजूद समय पर पर्याप्त सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए।

रिपोर्ट में चाबियों के प्रबंधन और मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के पालन में भी गंभीर खामियों का जिक्र किया गया है। जांच के अनुसार, कुछ हुंडियों की चाबियां ऐसे व्यक्ति के पास थीं, जिनके संबंध में स्पष्ट लिखित आदेश उपलब्ध नहीं मिले। साथ ही रिश्तेदारी के आधार पर ड्यूटी लगाने जैसे आरोपों की भी विस्तृत जांच की सिफारिश की गई है। ट्रस्ट और बैंक के बीच तय SOP के कई सुरक्षा प्रावधान कागजों तक सीमित पाए गए और उनका पूरी तरह पालन नहीं हुआ।

नकदी और बहुमूल्य चढ़ावे के प्रबंधन में भी कई कमियां सामने आईं। रिपोर्ट के अनुसार कर्मचारियों की नियमित तलाशी नहीं होती थी, निजी सामान पर प्रभावी नियंत्रण नहीं था और कई बार अलग-अलग हुंडियों की नकदी को एक साथ मिलाकर गिना जाता था। इससे बाद में यह पता लगाना कठिन हो जाता था कि किस हुंडी से कितना चढ़ावा प्राप्त हुआ। बहुमूल्य वस्तुओं की फोटोग्राफी, वजन, सीलिंग और रिकॉर्डिंग की प्रक्रिया भी हर बार निर्धारित मानकों के अनुसार नहीं अपनाई गई।

SIT ने यह भी पाया कि मंदिर परिसर की CCTV फुटेज केवल 45 दिनों तक सुरक्षित रखी जाती थी, जबकि पूर्व ऑडिट में इसे कम से कम 180 दिनों तक संरक्षित रखने की सिफारिश की गई थी। पुराने फुटेज उपलब्ध न होने के कारण कई संभावित घटनाओं की पुष्टि नहीं हो सकी। वहीं, सोशल मीडिया पर वायरल चांदी की ईंटों और अन्य बहुमूल्य चढ़ावे के गायब होने के दावों की प्रारंभिक जांच में पुष्टि नहीं हुई है। हालांकि समिति ने रिकॉर्ड प्रणाली, सुरक्षा व्यवस्था और पारदर्शिता को और मजबूत बनाने के लिए कई सुधारात्मक सुझाव दिए हैं।

राम मंदिर चढ़ावा मामले में SIT की यह रिपोर्ट फिलहाल प्रारंभिक जांच का हिस्सा है। अंतिम रिपोर्ट और आगे की जांच के आधार पर ही यह स्पष्ट होगा कि किन लोगों की जिम्मेदारी तय होती है और किनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
Author - Janta24x7news
Credit - Janta24x7news

Latest News

Janta24x7news
Janta24x7news May 18, 2026

Advertisement

Get In Touch

Office no 11, Bhopal House Lalbagh, Hazratganj, Lucknow 226001

+91 8114000370

info@janta24x7news.in

Follow Us

© Janta 24X7 News. All Rights Reserved. Powered by RBSC Associates